हम्पी का संपूर्ण इतिहास: विजयनगर साम्राज्य की राजधानी, स्थापत्य एवं स्मारकों की प्रामाणिक गाइड
📜 ऐतिहासिक संक्षिप्त विवरण (Executive Snapshot)
📍 Heritage Atlas & Geographic Location
🌟 UNESCO World Heritageकर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी तट पर स्थित हम्पी (Hampi) 14वीं से 16वीं शताब्दी तक मध्यकालीन विश्व के सबसे समृद्ध, शक्तिशाली और सांस्कृतिक रूप से जीवंत साम्राज्यों में से एक—विजयनगर साम्राज्य (Vijayanagara Empire)—की गौरवशाली राजधानी थी। 1336 ईस्वी में हरिहर और बुक्का द्वारा स्थापित इस साम्राज्य ने सम्राट कृष्णदेवराय (शासनकाल 1509–1529 ईस्वी) के स्वर्ण युग में अपने वैभव का सर्वोच्च शिखर छुआ।
उस समय हम्पी बीजिंग के बाद संभवतः विश्व का दूसरा सबसे बड़ा और समृद्ध नगर था, जहां पुर्तगाली यात्री डोमिंगो पेस के अनुसार सड़कों पर खुलेआम हीरों, पन्नों और मोतियों की तौल बिका करती थी। 1986 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
1. विजयनगर वास्तुकला की विशिष्टताएं
विजयनगर शैली ने चोल, होयसल, पांड्य और चालुक्य शैलियों के श्रेष्ठ तत्वों को मिलाकर एक नई भव्य स्थापत्य भाषा रची:
- कल्याण मंडप: देवी-देवताओं के दिव्य विवाह उत्सवों के लिए निर्मित विशालकाय नक्काशीदार मंडप।
- याली स्तंभ (Yali Pillars): मंडपों के स्तंभों पर पौराणिक अश्व-सिंह (याली) की सजीव मूर्तियां, जो अपने पिछले पैरों पर खड़ी होकर आगंतुकों को स्तब्ध कर देती हैं।
- रायगोपुरम: सम्राट कृष्णदेवराय द्वारा निर्मित अत्यंत ऊंचे, बहुमंजिला प्रवेश द्वार।
2. हम्पी के प्रमुख स्मारक
1. विरूपाक्ष मंदिर (पम्पापती मंदिर)
हम्पी का सबसे प्राचीन और पवित्र मंदिर, जो भगवान शिव (विरूपाक्ष) और देवी पम्पा (तुंगभद्रा) को समर्पित है। इसका 50 मीटर ऊंचा पूर्वी गोपुरम आज भी तुंगभद्रा घाटी पर भव्यता से खड़ा है।
2. विट्ठल मंदिर और प्रसिद्ध प्रस्तर रथ (Stone Chariot)
- गरुड़ का पाषाण रथ: मंदिर के प्रांगण में स्थित यह रथ नक्काशीदार ग्रेनाइट ब्लॉकों को जोड़कर बनाया गया है। इसके पहिए वास्तव में घूम सकते थे। यह भारत के ₹50 के करेंसी नोट पर भी अंकित है।
- सारेगामा संगीत स्तंभ (Musical Pillars): महामंडप में 56 ठोस ग्रेनाइट स्तंभ हैं, जिन्हें उंगली से थपथपाने पर भारतीय शास्त्रीय संगीत के सात स्वर (सा, रे, ग, म, प, ध, नि) गूंज उठते हैं।
3. कमल महल (Lotus Mahal) और गजशाला (Elephant Stables)
इंडो-इस्लामिक शैली का समन्वय प्रस्तुत करने वाली यह संरचना रानियों के ग्रीष्मकालीन महल और शाही हाथियों के रहने के लिए बनाई गई थी।
3. 1565 ईस्वी: तालीकोटा का युद्ध (Battle of Talikota)
23 जनवरी 1565 को लड़े गए तालीकोटा के ऐतिहासिक युद्ध (राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध) में दक्कन सल्तनतों (बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर और बीदर) के संयुक्त मोर्चे ने विजयनगर सेना को पराजित किया। इसके बाद आक्रमणकारियों ने 6 महीने तक इस भव्य राजधानी को बेरहमी से लूटा, जलाया और मूर्तियों को खंडित किया।
यद्यपि नगर खंडहर बन गया, परंतु आज भी हम्पी के 26 वर्ग किलोमीटर में फैले 1,600 से अधिक अवशेष इसकी कभी न मिटने वाली महानता की गवाही देते हैं।
4. UPSC मुख्य बिंदु
- विदेशी यात्री विवरण: निकोलो डी कोंटी (इटली), अब्दुर रज्जाक (फारस), डोमिंगो पेस (पुर्तगाल), और फर्नाओ नूनीज।
- जल प्रबंधन: कमलापुरम जलाशय और हम्पी के पूरे नगर में खेतों और स्नानागारों तक पानी पहुंचाने वाली पत्थर की जल नहरें (Aqueducts)।
UPSC सिविल सेवा पाठ्यक्रम प्रासंगिकता (Syllabus Linkage)
यह विषय सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 1 (GS-1: भारतीय विरासत एवं संस्कृति, इतिहास) से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित है। अभ्यर्थी ऊपर उद्धृत प्राथमिक शिलालेखों, स्थापत्य शैलियों (विमान/शिखर), एवं तत्कालीन प्रशासनिक-सैन्य मॉडलों का विशेष रूप से विश्लेषण करें।
पूर्ण UPSC GS-1 कला एवं संस्कृति पाठ्यक्रम अनुक्रमणिका देखें →भारतीय पुरातत्व, अभिलेखशास्त्र (Epigraphy) और सैन्य इतिहास के शोधार्थियों द्वारा संकलित। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) उत्खनन पत्रों, एपिग्राफिया इंडिका और प्राथमिक स्रोतों पर आधारित।
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